
प्रिय मित्रों,
सभी को सादर प्रणाम। आपको ये जानकर बहुत दुख होगा कि श्री ओसामा बिन लादेन अब हमारे बीच नहीं रहे। आपकी तरह ख़बर सुनते ही मुझे भी बहुत दुख हुआ। श्री ओसामा एक ऐसे इंसान थे, जो बाप के पैसों पर साउदी में आराम से ऐश की जिंदगी बिता सकते थे... लेकिन नहीं उन्हें ये कतई मंजूर नहीं था। बिन लादेन ने बिना किसी ऐश-ओ-आराम के जिंदगी बिताने का फैसला किया। क्या बुश और क्या ओबामा... लोगों को एकजुट करने की लाख कोशिश करते रहे.... लेकिन ओसामा जिसके प्रवचनों ने अफ़गानिस्तान में तितर-बितर फैले कबिलों को एक कर दिया। अफगानिस्तान में अमेरिका ने क्या दिया.... आसमान से गिरती मौत, लेकिन ओसामा ने उन लोगों को दी आज़ादी... उनको सिखाया, बंदूक चलाना, बम बनाना, एक आम से ख़ास बनना.... ह्यूमन बम बनकर। वो ही एक ऐसे शख्स थे जिन्होंने गरीब में रहते हुए भी कई शादियां की.... न सिर्फ शादियां की बल्कि कई बच्चे पैदा किए। दुनिया का शायद ही कोई ऐसा मुल्क़ होगा.... जहां उनकी औलाद न हो। इस मामले में उन्हें हम चंगेजख़ान के बाद रख सकते हैं। इनके बारे में लिखा तो इतना जा सकता है कि खत्म ही ना हो...वो कहते हैं ना...सात समंदर मसि करू...लेखनी सब बनराई...धरती सब कागद करू...ओसामा गुण लिखी ना जाई....
भगवान ऐसे आदमी की आत्म को शांति दे। मेरी बड़ी तमन्ना थी कि ऐसे शख्स के दर्शन करूं... लेकिन ऐसा हो न सका। बेचारे आज हमारे बीच में नहीं रहे। अब तो उनकी तस्वीर के आगे ही अगरबत्ती जलानी पड़ेगी। काश मैं उनके चालीसवें पर जा सकता लेकिन क्या करूं वहीं मिडिल क्लास व्यक्ति की कहानी, नौकरी का डर, परिवार का बोझ। भगवान उनकी आत्म शांति दे।
आपका मित्र
1 comments:
Nice post
Post a Comment